Month: December 2017

सियासतदान

  चाँद और तारों के किस्से सुनाते हो कुछ भी हो दिल अच्छा बहलाते हो| कहाँ से लाए ये अदा और ये एय्यारी अंधों को भी सूरज के ख्वाब …